‘‘परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा ।’’ ( यूहन्ना 3:16)
प्रभु यीशु तु ने जग में आकर,अद्भुत प्रेम दिखाया तू मुझ पर ।।
1.जब मैं अपने पाप में पड़ा था,हर रोज उन में डुबा रहता था;लेकिन वह मेरा हाथ पकड़ कर,लाया वह मुझे अपने घायल चरण पर ।
2.प्रेम से वह मुझको नजदीक बुलाकर,पाप और गन्दगी गुनाह को हटाकर;घोया उस ने मुझ को पाक लोहू से,अनन्त नरक और मौत से बचाकर ।
3.उस को प्रशंसा और स्तुति देकर,गाता हूँ मैं यह सब को सुनाकर;पापों से मुक्ति मुझ को वह देकर,शैतान की हार कैसी दिखाई जगत पर ।
4.प्रेम से वह सब को निकट है बुलाता,कैसा है अद्भुत वह मुक्तिदाता;अपने लोहू से छुटकारा वह देकर,ले चला अपने जीवन के पथ पर ।