‘‘तूने मेरे लिए विलाप को नृत्य में बदल दिया ।’’ (भजन 30:11)
1.एक अजीब, नया काम मेरे अन्दर हुआ;दिल में आया है जब से मसीह,मेरे दिल में है रोशनी जिस को ढूंढता था;दिल में आया है जब से मसीह ।दिल में आया है जब से मसीह,मुझे अपना बनाया सही;बहते पानी समान मेरी जान है शादमान,दिल में आया है जब से मसीह ।।
2.मेरा भूलना, भटकना, सब हुआ तमाम;दिल में आया है जब से मसीह,मेरे पाप भी धुल गए जो थे बेशुमार;दिल में आया है जब से मसीह ।
3.मौत की घाटी में ज्योति है मेरे लिए,दिल में आया है जब से मसीह;मुझे फाटक सुनहरे भी दिखने लगे,दिल में आया है जब से मसीह ।
4.मेरी राह में है नूर, मन आनन्द से भरपूर;दिल में आया है जब से मसीह,हूँ स्वर्गीय महिमा की आशा से मैं भरपूर,दिल में आया है जब से मसीह ।