‘‘मैं दाहिना हाथ पकड़कर तेरी सहायता करूँगा ।’’(यशायाह 41:13)
1.उत्तम और शान्तिदायक बात,... कि ईश्वर थामे मेरा हाथ;हर काम हर स्थान में हर समय,... मुझ यात्री को ले चलता है ।ले चलता है, ले चलता है,वह मुझको साथ ले चलता है ।विश्वास से चलूँगा मैं साथ,कि ईश्वर थामता मेरा हाथ ।।
2.कभी वह बीच अन्धेरे में,... कभी तो सुन्दर बारी में;सुखदाई जल या आंधी में,... ले चलता है हाथ वह थाम के ।
3.तू थामे रह नित मेरा हाथ,... न डर न रँज है तेरे साथ;जो दशा हो, संतुष्ट मैं हूँ,... कि तेरे संग चलता रहूँ ।
4.मेरा समय सब पूरा हो,... जब छोडूँगा इस जगत को;गर तू चलेगा लेे मुझे,... मैं न डरुँगा मृत्यु से ।