‘‘मैंने सेनाओं के यहोवा राजाधिराज को अपनीआँखों से देखा है,... तब मैं ने कहा, मैं हाजिर हूँ, मुझे भेज ।’’(यशायाह 6:5,8)
प्रभु का दर्शन, यीशु का दर्शन;पाके भाई लग जा सेवा में ।(2)
1.पापी जगत बुलाए तुझको,... ”आ बचा मुझको“,(2)आत्माएँ मरती(2),... देखो हजारो पाप के सागर में ।(2)
2.क्रूस पर अपनी जान प्रभुने,... जग के लिए दी;जगह है देखो(2),... सभी के लिए उसके हृदय में ।
3.बैठे-बैठे साल गवाएँ,... नवजवानी के;अभी भी करले(2),... प्रभु की सेवा बाकी जीवन में ।
4.चारों और अन्धेरा छाया,... रात अब आ पहुँची;जो कुछ है करना(2),... अभी तू करले दिन की ज्योति में ।
5.प्रभु के लिए आत्मा बचाने,... मैं तू जल्दी कर;फसल है पक्की(2),... पूले जमा कर उसके खत्ते में