CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 535

जागो, जागो, जागो, जागो

jaago, jaago, jaago, jaago

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‘‘जब मैं जानूँगा तब तेरे स्वरुप से सन्तुष्ट रहूँगा ।’’ (भजन 17:15)
जागो, जागो, जागो, जागो, हे मेरे प्राण;करले तू ध्यान, कहना तू मान;पाएगा अब सब कुछ तू जान ।।
1.यीशु के चरणों में आ जा अब तू,करले अर्पण अब जीवन तू;यह जो जरा(2), जान जा अब तू;पाएगा उस से तू ज्ञान ।
2.जीवन की रोटी खा ले अब तू,भीतरी मनुष्य में शक्ति पा अब तू;यह तो जरा(2), जान जा अब तू;बढ़ेगी तेरी अब शान ।
3.प्रभु में सब कुछ आरम्भ तू अब कर,उसी में सब कुछ भी अन्त तू कर;यह तो जरा(2), जान जा अब तू;जानेगा प्रभु महान ।
4.प्रभु की सेवा जो करता रहेगा,उसी के साथ-साथ जो चलता रहेगा;यह तो जरा(2), जान जा अब तू;पाएगा उससे इनाम ।
5.आँधी तूफानों के बीच में से होकर,जाना पड़ेगा धीरज धर कर;यह तो जरा(2), जान जा अब तू;पाएगा मन में विश्राम ।
6.जितनों ने सोया कुछ न पाया,जो कुछ कमाया यह सब कुछ है खोया;यह तो जरा(2), जान जा अब तू;जागेगा, पाएगा मान ।
7.अन्त तक स्थिर यदी रहेगा तू,प्रभु से आदर पायेगा तू;जीवन मुकुट(2), तेरा ही है;पाएगा बड़ा सम्मान ।

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