(भजन 27:9-14)
यहोवा अपने मुख को, मुझ से छिपा न रखो;क्रोध करके अपने दास को, प्रभु न दूर हटाओ ।।
1.प्रभु तू मेरा रक्षक, तू ही मेरा सहायक;मुझ को कभी न छोड़ो, मुझ को कभी न त्यागो ।
2.माता-पिता गर मेरे, मुझ को छोड़ भी देवें;प्रभु यहोवा मेरा, मुझ को सम्भाल लेगा ।
3.द्रोहियों के कारण से, अगुवाई मेरी करो;मार्ग अपना मुझे सिखलाओ, सरल राह चलाओ ।
4.मेरे विरुद्ध गर उठे, सतानेवाले झूठे;मेरे विरोधियों के, हाथ में मुझे न छोड़ो ।
5.पृथ्वी पर जीवितों की, देखूं भलाई याह की;विश्वास मुझे ये न होता, तो मूर्छित मैं हो जाता ।
6.धीरज हमेशा धर तू, हृदय में दृढ़ रह तू;प्रभु यहोवा ही का, इन्तजार करते रह तू ।