‘‘यह तो परमेश्वर का दल है ।’’ (उत्पति 32:2)
प्रिय यीशु मसीह के दलवाले, हम सैनिक है, हम सैनिक हैं;क्रूस कान्धे पर रखनेवाले, हम सैनिक हैं, हम सैनिक हैं ।।
1.बस शान्तिदाता हमारा है,... नम्रता कवच दृढ़ धारा है;रूहानि शस्त्र हमारा है,... हम सैनिक हैं ।
2.हम नित यीशु पर ध्यान करें,... जीवन अपना बलिदान करें;मसीह प्रेम पे है मिटनेवाले ।
3.मसीह प्रेम पे वारी जाएँगे,... हम सूखे चने चबाएँगे;पीछे नहीं पैर हटाएँगे ।
4.दुनिया से नाता तोड़ दिया,... माया का हमने छोड़ दिया;मन मसीह से अपना जोड़ लिया ।
5.मुक्ति का यही मार्ग माना,... हृदय में प्रण यही ठाना;आजाद रहें या मर जाना ।