‘‘तुम्हारी ज्योति मनुष्यों के आगे सामने चमके ।’’(मत्ती 5:16)
नीले गगन में चमकते तारे,दुनिया में वैसे ही चमके हम;मीठे सुरो से गाते है पंछी,यीशु की सनाए गाए हम ।
1.फूलों की खुशबू जैसे कि सारे,... गुलशन को महकाती है;अपने असर से इस दुनिया के,... गुलसन को महकाएँ हम ।
2.चाँद और सुरज जब जब चमके,... अन्धियारा मिट जाता है;कर दे उजाला जीवन से अपने,... पापों की रातें मिटाएँ हम ।
3.जलती है बत्ती जब तक कि उसमें,... तेल दिये का बाकी है;जब तक हमारी है जिन्दगानी,... नाम मसीह का फैलाएँ हम ।