‘‘जिसने हमें अपनी महिमा,... के अनुसार बुलाया है ।’’(2 पतरस 1:3)
डरना नहीं मैं हूँ कहा है,उद्धारकर्ता यीशु प्रभु ।।
1.अपनी शान्ति वह तुझे देकर, भलाई अपनी दिखाया भी;उस की दया, प्रेम के लिए, तृप्त होकर स्तुति तू कर ।
2.अनन्त की करुणा अब दिखाकर, अनन्त का उद्धार वह दिया;विश्वास से खड़ा होेने से, राज्य अनन्त भी वह देगा ।
3.वह मनुष्य नहीं परमेश्वर है, तेरे लिए मनुष्य वह बना;करुणा से उद्धार के लिए, प्रभु यीशु ने सब कुछ दिया ।
4.तेरे लिए प्रभु मारा गया है, जी उठा सम्भालने को;शीघ्र प्रभु आ रहा है, बाट जोह रहने साथ सदा ।
5.कैसा भी पाप क्यों न हो, चिन्ता नहीं है विश्वास तू कर;अद्भुत उद्धारकर्ता यीशुजी, अपना प्राण अर्पण किया ।
6.तेरी यात्रा में बल देने को, अपनी देह से लोहू दिया;ऐसे प्रेमी के लिए, गाओ तुम सब हल्लेलूयाह ।