‘‘ये वे ही है कि जहाँ कहीं मेम्ना जाता हैवे उस के पीछे हो लेते है।’’ (प्रकाशित 14:4)
मैं तो यीशु के पीछे-पीछे चलूँगा,(2)जहाँ-जहाँ वह जाए वही चलूँगा ।।(2)
1.संसार को छोड़ कर क्रूस उठाकर,(2)हर रोज उस के मैं पीछे चलूँगा ।
2.यीशु गड़रिए का शब्द सुनकर,जिधर बुलाए मैं उधर चलूँगा ।
3.अंधेरे नगर के गढ़े से बचकर,वचन की ज्योति के पीछे चलूँगा ।
4.संसार के चौडे मार्ग को छोड़कर,जीवन मार्ग में मैं दौड़ा जाऊँगा ।
5.वचन में अन्त तक स्थिर मैं रहकर,यीशु के राज्य में मैं मुकट पाऊँगा ।