‘‘यहोवा के पराक्रम के कामों का वर्णन कौन कर सकता है ?उसका पूरा गुणानुवाद कौन सुना सकता है ।’’( भजन 106:2)
यहोवा ने आश्चर्य काम किए हमारे लिए,हम अपने सारे दिल से प्रभु की स्तुति करते ।।
1.यहोवा अनुग्रह से मेरी ओर दृष्टि कर ले,क्षमा कर पाप हमारे तू अपनी दया से सारे ।
2.स्वर्गीय दर्शन यीशु जो तेरा मैं ने पाया,भूलूँगा मैं न उस को अनुग्रह अपना दे जा ।
3.शत्रु सतानेवाला अधिक मुझे सताता,हिम्मत न मैं हारूँगा, बलवन्त अपने में बना जा ।
4.मैं तेरा साक्षी बन के गवाही दूँगा जग में,पवित्रता अपनी तू उदारता से मुझे दे ।
5.महिमा तेरे नाम की प्रगट करूँगा जग में,स्पष्ट रीति से हे प्रभु शक्ति मुझे दिखा दे ।
6.तुझ मेें बना रहकर मैं फलवन्त सदा रहूँगा,हे सत्यता के आत्मा, जीवन भरपूर दे अपना ।
7.मुझ मूढ़ को हे प्रभु आत्मा की आग से भर दे,हल्लेलूयाह सर्वज्ञानि ज्ञान अपना तू मुझे दे ।