(भजन 63:1-8)
ढूंढूँगा मैं यत्न से... तू ही है मेरा ईश्वर ।।(2)
1.सूखी ऊसर भूमि पर... पानी जहाँ नहीं है;(2)मन मेरा प्यासा तेरा... देह अभिलाषी तेरा ।(2)... ढूंढूँगा
2.तेरे पवित्र स्थान में... इस तरह दृष्टि लगाई;कि सामर्थ और महिमा... देखूं वहाँ मैं तेरी ।
3.तेरी करुणा प्रभु... जीवन से भी है उत्तम;प्रशंसा मैं करूँगा... जीवन भर धन्य कहूँगा ।
4.लेकर के नाम तेरा... हाथों को मैं उठाऊँ;तृप्त जान मेरी होवे... ज्यों चिकने भोजन खावे ।
5.स्तुति तेरी करूँगा... होठों से हे प्रभु मैं,बिस्तर पर जब पडूँगा... स्मरण तेरा करूँगा ।
6.रातों के हर पहर में... ध्यान तेरा मैं करूँगा,तू मेरा हे सहायक,... मैं जय जयकार करूँगा ।
7.मेरा मन तेरे पीछे... पीछे लगा चलता है,तू मुझे दहिने हाथ से... अपने सम्भालता है ।