(भजन 49:1-9)
सब देश के निवासियों, तुम कान लगाकर सुनो ।।
1.संसार के सब निवासीयों, क्या ऊँच हो क्या नीच हो;धनी हो या कंगाल हो, तुम कान लगाकर सुनो ।
2.सब बातें मेरे मुँह की बुद्धि विवेक की होगी,हृदय की बातें समझ की, तुम कान लगाकर सुनो ।
3.नीति वचन सुनूंगा, और हाथ में लिए वीणा;गुप्त बात प्रकाशित करुँगा, तुम कान लगाकर सुनो ।
4.बुराईयाँ दुर्जनो की, विपत्ति में मुझे घेरें;तौभी ड़रूं क्यों उनसे, तुम कान लगाकर सुनो ।
5.सम्पति पर भरोसा, घमण्ड़ भी जो करते;भाई को छुड़ा न सकते, तुम कान लगाकर सुनो ।
6.कोई नहीं है ऐसा, भाई को अपने छुड़ाए;कि सदा जीवित रहे, तुम कान लगाकर सुनो ।
7.भाई के सन्ती कोई, परमेश्वर के सन्मुख में;प्रायश्चित कर न सकते, तुम कान लगाकर सुनो ।
8.प्राण की छूड़ौती उनके, बहुत ही भारी है;चुका कभी न सकेंगे, तुम कान लगाकर सुनो ।