CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 87

ऊँचा गढ़ है प्रभु मेरा

ooncha gadh hai prabhu mera

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‘‘यहोवा मेरा छुड़ानेवाला है... और मेरा ऊँचा गढ़ है ।’’ (भजन 18:2)
ऊँचा गढ़ है प्रभु मेरा, तारणहार तू मेरा आश्रय है ।।
1.महानता यहोवा की कितनी महान है,बहुत ही स्तुति के योग्य वही है, बड़ाई अगम है, समझ से बाहर है
2.तू मेरी चट्टान और किला है, मेरी ढ़ाल और उद्धार का सींग है;मेरा तू आश्रय स्थान और शरण गढ़ है ।
3.मेरा प्रिय प्रभु तू गोरा है, लाल तू ही है मेरा प्रीतम भी;दस हजारों में उत्तम, और उसे जान जाता हूँ ।
4.अनन्त जीवन बहुतायत से दिया, स्वर्गीय भोजन से तृप्त है किया;अनुग्रह से स्थिर किया, स्तुति हो खड़ा किया ।
5.विजय गीत गाऊँ प्रभु के लिए, शत्रु के ऊपर जयवन्त बनाया;चढ़ाया ऊँचे गढ़ पर, स्तुति तेरी सदा हो ।
6.महिमा से भरपूर तू प्रभु यीशु, शीघ्र तू ही आने वाला है;हल्लेलूयाह गाऊँगा, हर्ष के साथ में गाऊँगा ।

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